हाईलाइट्स
• MSP पर गेहूं खरीदी नहीं होने का आरोप
• सरकार पर किसानों को मजबूर करने का आरोप
• 2700 रुपये में खरीदी की मांग, आंदोलन की चेतावनी
• शिक्षक पात्रता परीक्षा को बताया अन्याय
PC Sharma Statement : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए किसानों और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी सही तरीके से नहीं हो रही है और सरकार जानबूझकर किसानों को परेशान कर रही है।
Petrol Diesel Crisis : अफवाह से बिगड़े हालात’, आगर मालवा में पेट्रोल-डीजल के लिए मची अफरा-तफरी
MSP पर खरीदी नहीं, किसानों को किया जा रहा मजबूर
पीसी शर्मा ने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में किसानों से MSP पर गेहूं की खरीदी नहीं हो रही है। उन्होंने इसे सरकार की “सोची-समझी साजिश” बताया। उनके मुताबिक, सरकार किसानों को मजबूर कर रही है कि वे अपनी फसल कम कीमत पर व्यापारियों को बेचें, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास किसानों को भुगतान करने के लिए पर्याप्त धन नहीं है, इसी कारण केवल सीमित मात्रा में ही फसल खरीदी जा रही है। शर्मा के अनुसार, सरकार सिर्फ करीब 25 प्रतिशत गेहूं खरीद रही है, जबकि बाकी 75 प्रतिशत फसल व्यापारियों के जरिए बाजार में बिकेगी।
“किसान विरोधी नीतियों” का आरोप
पूर्व मंत्री ने सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले ही किसान पानी, बिजली और खाद की समस्याओं से जूझ रहे हैं और अब बारदाने की कमी भी सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की परिस्थितियों में किसान लगातार आर्थिक दबाव में आ रहा है।
ABVP Student Protest : भोपाल में शराब दुकान के विरोध में ABVP का उग्र प्रदर्शन, सड़क जाम और पथराव
उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन करेगी। साथ ही सरकार से मांग की कि गेहूं की खरीदी 2700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से की जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
जमीनी हालात पर सवाल
पीसी शर्मा ने कहा कि कई स्थानों पर आज भी खरीदी शुरू नहीं हो पाई है, जिससे सरकार के दावों और जमीनी हकीकत में अंतर साफ दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि अगर समय पर खरीदी नहीं हुई, तो किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।
शिक्षक पात्रता परीक्षा पर भी सरकार घिरी
किसानों के मुद्दे के साथ-साथ पीसी शर्मा ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर “कोर्ट-कचहरी का खेल” खेल रही है और बार-बार तारीखें आगे बढ़ाई जा रही हैं, जिससे अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
“शिक्षकों के भविष्य से खिलवाड़”
शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षकों को स्थायी रोजगार देने के बजाय आउटसोर्सिंग की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह शिक्षकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार पात्रता परीक्षा आयोजित करना शिक्षकों के साथ अन्याय है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय से सेवा दे रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि या तो स्पष्ट नीति बनाए या फिर कोर्ट में लंबित मामलों का जल्द समाधान निकाले।
सरकार की मंशा पर सवाल
पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा साफ नहीं है और वह रोजगार देने के बजाय प्रक्रियाओं को जटिल बना रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार मंत्रालय और अन्य विभागों को भी धीरे-धीरे आउटसोर्सिंग के जरिए चलाने की दिशा में बढ़ रही है।
वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें : https://youtu.be/RJyQMXNbIcY?si=hftPF4AVJt3l5Zy0


