हाइलाइट्स
- 11 से 13 अप्रैल तक रायसेन में कृषि महोत्सव
- 20 सत्रों में आधुनिक खेती और AI पर चर्चा
- ड्रोन, सोलर पंप, पशुपालन का लाइव डेमो
- किसानों के लिए नया कृषि रोडमैप पेश होगा
Raisen Krishi Mahotsav : भोपाल। मध्यप्रदेश में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से 11 से 13 अप्रैल तक रायसेन में ‘उन्नत कृषि महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। इस तीन दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन कल होगा। इसकी जानकारी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
उन्होंने बताया कि इस महोत्सव में देशभर के शीर्ष वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ और नीति-निर्माता शामिल होंगे। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री मोहन यादव उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे, जबकि समापन के अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति रहेगी।
20 सत्रों में आधुनिक खेती पर फोकस
महोत्सव के दौरान कुल 20 सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें फसल कटाई प्रबंधन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित समाधान, मशीनीकरण, हॉर्टिकल्चर और इंटीग्रेटेड फार्मिंग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके लिए चार बड़े सेमिनार हॉल तैयार किए गए हैं, जहां विशेषज्ञ किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी देंगे।
अधिकारियों द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी, जिससे किसानों को सीधे लाभ मिल सके।
लाइव डेमो और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग
महोत्सव की खास बात यह होगी कि इसमें केवल थ्योरी नहीं, बल्कि लाइव डेमोंस्ट्रेशन और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी। किसानों को ड्रोन तकनीक, सोलर पंप, ग्राफ्टिंग, मछली पालन और पशुपालन जैसे आधुनिक तरीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन दिखाया जाएगा।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “केवल अनाज उत्पादन से किसानों की आय नहीं बढ़ेगी, इसके लिए इंटीग्रेटेड खेती मॉडल अपनाना जरूरी है।”
किसानों के लिए रोडमैप और प्रशिक्षण
महोत्सव में कृषि क्षेत्र के लिए एक विस्तृत रोडमैप भी प्रस्तुत किया जाएगा, जो अलग-अलग एक्रो-क्लाइमेटिक जोन के अनुसार तैयार किया गया है। 12 अप्रैल को यह रोडमैप किसानों के सामने रखा जाएगा।
किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
एक्सपोर्ट और वैश्विक हालात पर असर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष, खासकर ईरान से जुड़े हालातों का असर कृषि उत्पादों के एक्सपोर्ट पर पड़ा है।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
उर्वरक कीमतों पर केंद्र का बड़ा फैसला
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि वैश्विक स्तर पर DAP और यूरिया की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन भारत में किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। इसके बजाय सब्सिडी देने का फैसला लिया गया है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
‘लखपति दीदी’ योजना पर भी जोर
उन्होंने ‘लखपति दीदी’ योजना का जिक्र करते हुए बताया कि अब तक करीब 3 करोड़ महिलाएं इस योजना के तहत आत्मनिर्भर बनी हैं। सरकार का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 6 करोड़ तक पहुंचाना है।
इसके लिए एक निगरानी प्रणाली बनाई गई है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि जिन महिलाओं की आय बढ़ी है, वह लगातार बनी रहे।
ओलावृष्टि से फसल नुकसान पर नजर
ओलावृष्टि से फसल नुकसान को लेकर भी केंद्र सरकार सतर्क है। सभी राज्यों को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक 2.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नुकसान की रिपोर्ट मिली है, जो आगे बढ़ सकती है।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि हर प्रभावित किसान का सर्वे हो और पंचायत भवनों में सूची चस्पा की जाए, ताकि कोई भी किसान छूट न जाए।
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