बरही (प्रभात वाणी)। आस्था के महापर्व छठ पूजा के अवसर पर जहाँ एक ओर पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा, वहीं बरही प्रखंड के सुदूरवर्ती पंचायत रानीचुआं में बिजली गुल रहने से व्रतियों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।संध्या अर्घ्य के समय से ही पूरे पंचायत क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप रही। जब व्रतियां सिर पर सूप-दौरा लेकर घाट की ओर निकलीं, तो चारों ओर अंधेरे में जाने पर मजबूर रहे। ग्रामीणों ने बताया कि रातभर बिजली नहीं आई और अहले सुबह भोर अर्घ्य के समय तक स्थिति जस की तस बनी रही। सुबह करीब आठ बजे दिन में जाकर बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।अंधेरे में घाट तक पहुंचने के दौरान कई श्रद्धालुओं को रास्ते में परेशानी हुई। गांव के लोगों ने बताया कि घाट गांव से कुछ दूरी पर जंगल की ओर है, ऐसे में बिजली न रहने से दुर्घटना की आशंका बनी रही। स्थानीय युवक प्रदीप कुमार, मुकेश कुमार, सुरेश यादव ने कहा कि रानीचुआं पंचायत जंगल सीमा क्षेत्र में आता है, जहाँ प्रकाश की पहले से ही कमी रहती है। “ऐसे पवित्र अवसर पर बिजली गुल रहना विभाग की घोर लापरवाही है। जब अधिकारियों के घरों और शहर में विशेष व्यवस्था की जाती है, तो ग्रामीण क्षेत्र को अंधेरे में छोड़ देना न्यायसंगत नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि बरही बिजली विभाग को बार-बार फोन कर सूचना दी गई, परंतु किसी ने ध्यान नहीं दिया। जबकि अन्य दिन भी यहां बिजली सुचारू रूप से नहीं मिलती है। इससे लोगों में गहरा रोष है। श्रद्धालुओं का कहना है कि हर साल छठ पर्व पर बिजली व्यवस्था की अस्थिरता बनी रहती है, जिससे त्योहार की पवित्रता और श्रद्धा पर आंच आती है।लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से अपील की है कि आने वाले समय में छठ जैसे महापर्व के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष बिजली व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को अंधेरे में पूजा न करनी पड़े। इधर स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि रामचंद्र टुड्डू ने बिजली विभाग के प्रति रोष प्रकट करते हुए कहा कि हमारे पंचायत में समयानुसार बिजली नहीं मिलती है।त्योहारों में बिजली गुल रहती है, दशहरा दीपावली और छठ पूजा में भी बिजली नहीं नहीं मिल पाई है, शिकायत पर विभाग पर कोई असर नहीं है।



