बरकट्ठा प्रखंड के बरकनगंगो निवासी मनोज पासवान, पिता श्रीधरन पासवान, जो लंबे समय से मुंबई के चेंबूर क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रह रहे थे, निजी कारणों और आर्थिक तंगी के चलते 07 अक्टूबर 2025 को अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना के बाद उनका पार्थिव शरीर फिलहाल राजा हॉस्पिटल, घाटकोपर (मुंबई) में रखा गया है। मृतक के परिजन बेहद शोकाकुल हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पार्थिव शरीर को झारखंड लाने में असमर्थ हैं।
इस परिस्थिति में झारखंड एकता संघ आगे आया है और मनोज पासवान के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव बरकनगंगो, बरकट्ठा (हजारीबाग) भेजने की व्यवस्था कर रहा है। संघ के सदस्यों ने सभी झारखंडी भाई-बंधुओं से मानवीय दृष्टिकोण से सहयोग की अपील की है, ताकि दिवंगत आत्मा को उनके जन्मभूमि पर अंतिम विदाई दी जा सके।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि मुंबई में रहने वाले झारखंड के मजदूरों की समस्याओं को देखते हुए भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए एक सहायता कोष (राहत फंड) बनाने की योजना पर भी चर्चा चल रही है
राजा मंडल की अपील
आप सभी भाई-बंधु आगे आएं और जितना संभव हो सके, सहयोग करें। एक झारखंडी का पार्थिव शरीर उसकी मिट्टी तक पहुँचे, यही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।”




