लड़कियों की मानव तस्करी समाज के लिए गहरी चिंता का विषय : प्राचार्य डॉ. आशुतोष कुमार मैढ
प्रभात वाणी।
डीएवी पब्लिक स्कूल बरही के प्रांगण में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं की छात्राओं के बीच “मानव तस्करी—एक सामाजिक अभिशाप” विषय पर काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य डॉ. आशुतोष कुमार मैढ ने की। प्राचार्य डॉ. मैढ ने कहा कि “लड़कियों की मानव तस्करी समाज के लिए गहरी चिंता का विषय बन चुकी है।” हाल के दिनों में पुलिस और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयास से दर्जनों नाबालिग लड़कियों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया है। इनमें अधिकांश लड़कियाँ बिहार, झारखंड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल से झूठे रोजगार, विवाह या शिक्षा के प्रलोभन में लाई गई थीं।उन्होंने बताया कि जांच में यह तथ्य सामने आया है कि तस्कर गरीब परिवारों को झूठे वादों के ज़रिए बहकाते हैं और फिर लड़कियों को घरेलू काम, जबरन विवाह या देह व्यापार जैसी अमानवीय परिस्थितियों में धकेल देते हैं। प्राचार्य ने कहा कि इस दिशा में सरकार गंभीर है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के निर्देश पर “उजाला अभियान” जैसी योजनाओं के तहत पीड़ितों के पुनर्वास का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए जनजागरूकता, शिक्षा और पुलिस की सतर्कता, तीनों का साथ आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अजनबियों के झूठे प्रलोभनों से सतर्क रहें और अपने साथ-साथ दूसरों को भी सुरक्षित रखने में अग्रणी भूमिका निभाएं। कहा कि “मानव तस्करी केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि मानवता के विरुद्ध अपराध है। हमें मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि हर लड़की सुरक्षित, शिक्षित और स्वतंत्र जीवन जी सके। कार्यक्रम में शिक्षिका ममता सिंह, कुमारी पूनम ज्योति, नेहा कुमारी, मुकेश कुमार, राजेश सिन्हा, सुधीर कुमार, आस्था भट्ट, डॉ. दीपक शरण, नरसिंह शर्मा और धर्मेंद्र कुमार सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति रही।



