खंडवा के जूनापानी में बवाल, जमीन विवाद पर हाई वोल्टेज ड्रामा
MP Khandwa News: मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के जूनापानी गांव में जमीन विवाद ने बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया।
विवाद से नाराज एक युवक हाईटेंशन बिजली लाइन के टावर पर चढ़ गया।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी सतर्क कर दिया।
MP Khandwa News: युवक ने लगाए पूर्व विधायक पर गंभीर आरोप
टावर पर चढ़े युवक की पहचान रोहित उर्फ पिंटू पाल के रूप में हुई है।
साथ ही उसने खंडवा के पूर्व विधायक देवेंद्र वर्मा पर उसकी जमीन पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया है।
रोहित का कहना है कि लगभग ढाई एकड़ जमीन उसके परिवार की पुश्तैनी संपत्ति है और उनका परिवार पिछले करीब 100 सालों से इस पर खेती कर रहा है।
उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय नहीं मिल रहा और यही वजह है कि उन्होंने विरोध स्वरूप टावर पर चढ़ने का साहसिक कदम उठाया।

MP Khandwa News: कब्जा लेने पहुंचे थे राजस्व अधिकारी और पुलिस
जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक राजस्व विभाग और पुलिस टीम के साथ जमीन का कब्जा लेने पहुंचे थे।
इस दौरान रोहित ने विरोध जताया और हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया। टावर पर चढ़ने से किसी भी बड़े हादसे की आशंका बनी रही,
क्योंकि यह बिजली की हाई टेंशन लाइन है।
ग्रामीणों और प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती।
मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी
इसके विपरीत घटना की सूचना मिलते ही जावर थाना पुलिस, नायब तहसीलदार और पटवारी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने रोहित को नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास किया।
काफी देर तक वह टावर पर बैठा रहा और लगातार अपना विरोध जताता रहा।
प्रशासन ने क्षेत्र में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी सतर्कता बरती।
पुराने जमीन सौदे से जुड़ा विवाद
बताया जा रहा है कि यह मामला नया नहीं है।
रोहित के परिवार की करीब 8 एकड़ जमीन कुछ साल पहले खरीदी गई थी।
वर्ष 2019 में रजिस्ट्री और नामांतरण प्रक्रिया पूरी हुई थी। वर्ष 2022 में जमीन का सीमांकन कराया गया,
जिसके दौरान ढाई एकड़ जमीन को लेकर विवाद सामने आया।
यही विवाद अब तक कायम है और इसे लेकर परिवार और पूर्व विधायक के समर्थकों के बीच टकराव की स्थिति बनती रही है।
पहले भी हो चुका है विरोध
गौरतलब है कि रोहित पाल इससे पहले भी इसी तरह हाईटेंशन टावर पर चढ़कर विरोध दर्ज करा चुका है।
इससे यह सवाल और गहरा हो जाता है कि आखिर ऐसा कौन-सा दबाव या मजबूरी है, जो एक युवक को बार-बार अपनी जान जोखिम में डालने पर मजबूर कर रही है।
स्थानीय लोग और ग्रामीण भी इस घटना से परेशान हैं और प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन की कार्रवाई और स्थिति
इस मामले में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं। उन्होंने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और विवादित जमीन के मामले की जांच जारी रखी है।
अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही स्थिति सामान्य करने और विवाद सुलझाने के प्रयास किए जाएंगे।
“पद और रसूख का हो रहा दुरुपयोग”
युवक का सीधा आरोप है कि पूर्व विधायक अपने राजनीतिक पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर उसकी जमीन हड़पना चाहते हैं.
पिंटू पाल ने मौके पर मौजूद लोगों और मीडिया से कहा कि “जब कानून और प्रशासन भी प्रभावशाली लोगों के आगे बेबस हो जाए,
तो आम आदमी के पास अपनी जान दांव पर लगाने के अलावा और क्या रास्ता बचता है?


