इचाक (हजारीबाग)। प्रभात वाणी
इचाक प्रखंड स्थित ऐतिहासिक धरोहर लक्मी नारायण बड़ा अखाड़ा में ओबीसी अधिकार संघर्ष मोर्चा की एक औपचारिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रो. राजेंद्र यादव ने की, जबकि संचालन युवा नेता गौतम कुमार ने किया।

बैठक में ओबीसी आंदोलन को धारदार बनाने, हक और अधिकार को जन-जन तक पहुंचाने, राज्यभर में 20 लाख सदस्य बनाने तथा हर प्रखंड से लेकर गांव तक संगठन को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस दौरान ओबीसी कार्यकर्ता तीर्थ नाथ आकाश ने कहा कि भारत का संविधान एक है, लेकिन ओबीसी आरक्षण को लेकर हमेशा दोहरी नीति अपनाई जाती रही है। बाबूलाल मरांडी के शासनकाल में ओबीसी आरक्षण 27% से घटाकर 14% कर दिया गया था। पिछले 25 वर्षों में किसी भी सरकार ने ओबीसी समाज के हक और अधिकार की चिंता नहीं की। जबकि तमिलनाडु जैसे राज्य में 50% आरक्षण दिया जा रहा है। झारखंड में ओबीसी की आबादी 56% से अधिक है, फिर भी अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
युवा नेता गौतम कुमार ने कहा कि ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर “सड़क से सदन” तक पांच लाख कार्यकर्ताओं के महाजुटान की तैयारी चल रही है। यदि सरकार नहीं चेती तो ओबीसी समाज अब केवल वोट बैंक बनकर नहीं रहेगा।
प्रो. राजेंद्र यादव ने कहा कि लोगों को अपने हक और अधिकार को समझना होगा, नहीं तो आने वाला भविष्य संकट में पड़ सकता है।
बैठक में मुख्य रूप से मनोज मेहता, राजकुमार मेहता, अजय प्रसाद मेहता, मुकेश राणा, उमेश गुप्ता, सुनील बैध, अभिषेक राज, दीपक मेहता, गजेंद्र प्रजापति, कौशल प्रसाद, अमंजीत कुमार, प्रदीप कुमार मंडल, रंजीत यादव, अनिल राणा, लक्ष्मण कुमार, संजय मेहता, मनीष कुमार, रमेश रंजन सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।


