हाइलाइट्स
- 11,690 किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 561.86 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित।
- उत्तर प्रदेश में आपदा मित्र कार्यक्रम से आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने का अभियान।
- 25 जिलों में 29,772 युवा स्वयंसेवकों को NCC, NSS, NYKS और स्काउट्स के माध्यम से प्रशिक्षण।
- मुख्यमंत्री ने किसानों की सुरक्षा और त्वरित राहत के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
Yogi Adityanath : लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभार्थी किसानों को मुआवजा वितरण एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यक्रमों पर विस्तृत जानकारी साझा की।
किसानों को 561.86 करोड़ रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि 16 जून 2025 को 11,690 किसानों और उनके परिवारों को 561 करोड़ 86 लाख रुपये की धनराशि वितरित की गई। यह राशि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है तथा फसल बीमा योजना के माध्यम से समयबद्ध सहायता सुनिश्चित की जा रही है।

आपदा मित्र: आपदा प्रबंधन का प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में “आपदा मित्र” प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता की भूमिका निभा सकता है। यह पहल नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय स्तर पर प्रारंभ की गई है, जिसे उत्तर प्रदेश ने प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया है।
25 जनपदों में 29,772 युवाओं को प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश के 25 जनपदों में 29,772 युवा स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया है। इन स्वयंसेवकों में एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र संगठन और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स से जुड़े युवा शामिल हैं।
प्रशिक्षण के माध्यम से इन्हें आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित आवश्यक कौशल प्रदान किए गए हैं, ताकि किसी भी प्राकृतिक या मानवजनित आपदा के समय त्वरित और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

आपदा प्रबंधन में उत्तर प्रदेश की सक्रिय भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री की इस पहल को जमीनी स्तर पर लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक जिले में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की मजबूत टीम तैयार हो, जिससे आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित हो सके।
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उन्होंने यह भी दोहराया कि किसानों के हितों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की सुदृढ़ व्यवस्था, दोनों ही राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।


