महिषासुर वध की कथा ने किया लोगों को मंत्रमुग्ध
बरही। दुर्गाष्टमी के अवसर पर सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति विजैया की ओर से छऊ नृत्य का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसडीपीओ अजीत कुमार विमल, विशिष्ट अतिथि इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी विनोद कुमार और सर्किल इंस्पेक्टर चंद्रशेखर कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। अतिथियों का स्वागत पूजा समिति ने शॉल ओढ़ाकर किया। अपने संबोधन में एसडीपीओ ने कहा कि “छऊ नृत्य इस क्षेत्र के लिए नया अनुभव है। यह नृत्य महिषासुर जैसे दैत्यों और देवी–देवताओं के बीच हुए युद्ध को जीवंत करता है। यह न केवल मनोरंजन है बल्कि कला और संस्कृति की धरोहर भी है।” उन्होंने सभी को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं देते हुए शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। थाना प्रभारी और सर्किल इंस्पेक्टर ने भी लोगों से शांति और सद्भाव से पूजा मनाने और किसी भी विषम परिस्थिति में पुलिस प्रशासन को तुरंत सूचना देने की बात कही।अल्पसंख्यक कल्याण मोर्चा के अध्यक्ष मो. कयूम अंसारी ने विजैया दुर्गा पूजा समिति के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “यह समिति अब पांच पंचायतों का गौरव है। पहले लोग तिलैया या अन्य जगह पूजा देखने जाते थे, लेकिन अब यहां की अपनी भव्य परंपरा बन चुकी है।”
छऊ नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। मौके पर पूजा समिति के सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। प्रभात वाणी।
महिषासुर वध की कथा


